New 110+ दर्द भरी बेवफा शायरी इन हिंदी | Bewafa Shayari


स्वागत है आपके लिए Dard Bhari Bewafa Shayari Status Quotes in Hindi, Bewafa Shayari 2 line नीचे दि गई है जो कि प्रेम में मीले दर्द को बह खुभी बयान करेंगी रिश्तों में आए किसी कार बदलाव को जीवन में मिलें प्रेम के रंगों को बेरंग बना दिया मोहब्बत को मजाक चाहत को ठुखरा दिया।
हर किसी को मोहब्बत में Bewafa जरूर मिलती है किसी को लगाव कि किसी को दिल्लगी की।
मोहब्बत पर क्या कहु में खुद दर्द में हु दिल्लगी के लिए में प्रेरित लगाव कैसे ये दर्द मोहब्बत का एक त्यौहार सा नहीं रहा जो आके निकल गया ये तो दिल्लगी का दर्द है जो एक मोहब्बत के मारे ही समझ सकते है।

बेसक बड़ी दुआ से पाया था मैंने तुम्हे, पर
तेरे जैसा शक्श बददुआ में भी ना मिले किसी को !!

Bewafa shayari


महज कहने की बात है जरा सलीके से कीजिए
महज़ फरवरी की दिल्लगी मोहब्बत नहीं होती

बख़्शा है पत्थरों ने संभलने का हौसला
हर हादसे सहज दिल को गहराई दे गया

जो सिर्फ तेरे नाम सोचन से ठहर जाए,
वो हिचकियाँ हे जो अब सुकून देती हैं

कैसे कहूँ के वो दिल्लगी उल्फत फरेब थी,
कैसे यक़ीन करूँ के मोहब्बत चली गई.

ये मोहब्बत की नाव फ़लक की सवारी करवाती है,
तुम्हें पता नहीं ये मोहब्बत से बैर करवाती है।

कहीं कहीं तारे कहीं कहीं राते,
जो मेरे चांद तारे थे वो कही सवेरा ले गया.

बे दिल्लगी की मंजिलों के रास्ते पर चलोगे तो जानोगे"
कि दिल्लगी के मुसाफिर क्यूँ रात को भी सोना भूल जाते हैं"

तेरे फरवरी के प्यार से मुझे जीवन भर का गम मिला...
टूट कर बिखर गया दिल बता मुझे तोड़ने से तुझे क्या मिला !!

दर्द भरी बेवफा शायरी इन हिंदी


उदाश कर गई उस की याद भरी महफ़िल में,,
आज फिर किसी ने वही सवाल उठाया है...!!

किसी भी महोब्बत का एक ही शिखर है,,
प्रेमिका की मांग में सिंदूर लगानापाना...!!

हम चाहते थे हो आपकी मोहब्बत अता...!!
वरना दिल्लगी करने वालो की हमें कमी ना थी...!!

उसके बाद खोने को कुछ नहीं बचा,
वो मेरी जिंदगी की आखिरी उम्मीद थी

उसने ज़ाहिर ना किया अपना बैरूखी होना
हम भी अंजान रहे हम ने भी उनसे सावल नहीं किया..!!

मोहब्बत की बातें न करो फरवरी के आशीको,
जला बैठा हैं दिल खामखां गाली दे देंगे।

वो बिका तो मालूम पड़ा, बस एक मैं,
ही था जो उसे बेहसकिमती समझता था।

नजर लग गयी हमारी मोहब्बत को,
रोज प्यार में रहने वाले अब खामोश रहते हे...

बेवफा शायरी दिल टूटने वाली


अब न आएंगे हम तेरे लिए तू वेट मत करना,
हमारे आँसू तेरी मुस्कराहट पर कर्ज रहेंगे याद रखना

उल्फ़त तो देखिए मेरे आंखों के सबब..,
बिकारी बन के प्यार को तेरी चौखट पे मांगने आ गया..!!!

एक हमारा ही प्यार मिला था क्या जलाने के लिए
आग से इतना ही इश्क था तो जहन्नम जाते

तुम खौने जाने का शौक मत करना
मिलने के लिए अभी इश्क का जहान बाकी है

मोहब्बत हार कर मुस्करान वाले,
फिर क्या पाकर ऐसा रोते होंगे...

तकदीर वालो को ही पता हैं, उल्फत इशक की क्या है होती,
नहीं जलाई दिल में आतिश, वो मोहब्बत मोहब्बत नहीं है।

गिरती हुऐ मोहब्बत की कीमत न पूछना;
मोहब्बत कि हर बूंद में हजारों सवाल होते हैं!

कभी वो इंसान था हम थे और इतने ख्वाब थे,
अब वो इंसान है हम है और ख़ामोशीया हैं"..!!

Bewafa shayari in hindi


टुटे हुऐ इश्क की कीमत न पूछना;
टुटे हुऐ हर दिल में लाखों सवाल होते हैं!

भूलाना उसे मुश्किल तो नहीं है मगर...
दिल को मनाना आसान भी कहां हैं...

किस काम की रहे ये दिखावे की वादे....
वादे किए हम से गुज़ारे किसी के साथ.

ज़िंदगी देना चाहती बहुत कुछ लेकिन,
मैं माग करता हूं जो था वो ही लौटा दे।

तेरी तश्वीर तेरी ख्वाब और तेरे याद,
सिर्फ यही सब मिलेगा तुझे मेरे ग़रीब खाने में...!!

जब समझोगे हमे,
तब हम सिर्फ़ यादों में ही रह जाएंगे..

हर मर्द नहीं भागे करते हसीन जिस्म के पीछे,
तुम जरा उनकी पसंदीदा स्त्री से पूछना तो सही...

तेरे मजबूरियां तुझे मुबारक,
मेरी दिल के लिए तुम धोखेबाज हो

बेवफा शायरी इन हिंदी


सुना है मोहब्बत से आपकी काफी बनती है...
एक सावल कर उस से क़ुसूर पुछ मेरी मोहब्बत का..

तेरे न होने से बस इतनी सी कमी खाती है ..
मै लाख मुस्कराओ दिल मे कमी सी महसूस होती है..

तेरे इश्क में जब भी कैलेंडर पर नजर डाली
दिसम्बर के महीने को दिसमगर ही पढ़ा हमने.....!!

मैं उसकी मोहब्बत का वो आखिरी किनारा हूँ ....,
जो उसकी मोहब्बत उस कनारे के लिए याद करेगी !!

कुछ इस कदर से तेरी और मेरी मोहब्बत ने आखिरी सांस ली.
ना हमने मुड़कर कर देखा. ना तुने आवाज लगाई

ख्वाहिश करो के दम निकले,,,
लेकिन दर्द ए-दिल पर ना निकले है...... !!

अपनी दिल के निकले टुकड़ों को जब गिना मैंने
ठीक उतने ही निकले जितनों को दिल दिया था मैंनेl

इन गलियों पर गुमसुम बिताई है कई शामें मैंने
वो पत्थर दिल अक्सर इन ही गलियों से गुजरा करते थे...

शायरी बेवफा इन हिंदी attitude


दिल में भी वही बसते हैं
जिनके दिल लगाने को हम तरसते हैं...!!!

मेरी लाइफ बर्बाद हुई लेकिन।
कसूर वार वो नहीं थे ये दिल्लगी की सजा थी।

सूख गई बुंदे आंखो कि तेरे इंतजार में,
आज से अपना ये गुलिस्तां भी रेगिस्तान हुआ !!

आप जाइए कोई रोक टोक नहीं, बस इतनी सी खता थी...!!
और मेरे हाल-ए-दिल का उल्फत बिगड़ गया...!!

हसरतें कुछ और हैं समय की हल्फत कुछ और है
दिल चाहता कुछ और है मिलता कुछ और है..!!

आज फिर शिकन है उसके आंखों पर,,
आज फिर छत पर उसने मुझे देखा है...

मजा वक्त के सिले को ये कभी सहेजने नहीं देता
जो दर्द से नहीं वाक़िफ मोहब्बत ऐसी बेदर्द हुई है

हमें ठुकरा दोगे तो पछताएंगे बहुत
ये आखिरी कैस तुम खूब सोचकर करना

खतरनाक बेवफाई शायरी


अगर आपकी प्रेमिका पूर्व प्रेमिका नही रही तो
आप इस कलयुग युग में सर्वोत्तम प्रेमिका मिली है..

न बतावो की रहने दो तन्हा मुझे
पता है रोने से वाफि नहीं लौटता......!!

हम से ज्यादा हमारे लफ़्ज तुम्हारे लिए पर तपड़ते हैं..
जब भी निकलते हैं जिक्र तुम्हारा ही करते है.....!!

ज़रा सी बातें होने से है तो लगाव हो जाता हैं,
मोहब्बत लोगों से फिर क्यों संभाली नहीं जाती है.!!

आरज़ू इतनी कि वे मिल जाये किसी राहा पर..!
तमन्ना ऐसी कि उसे देख कर नज़र अंदाज़ कर दूँ।।


बहुत ख्वाहिश थी उन्हें मेरा ठिकाना देखने कि,
जब देखा मेरा ठिकाना तो रास्ता बदल लिए..

दिल के टुटने का सबक पूछो न हर किसी के सामने
नाम आएगा तेरा ही ये दिल्लगी फिर से यही कहेंगी

काश तुम भी बहा देते दुरीया हो जाने पर
फिकर तो होता रहता हमें भी अपने प्रेम पर।,,

दर्द भरी बेवफा शायरी इन हिंदी 2 line 


तन्हाई की बालकनी पे घुटन का दर्द झूल रहा है…
बेबसी की कमरे में कोई किसी को भूला रहा है !!

मेरे पने बहुत देर से खाली पड़े हुई है...!!
वो खो गया है कहीं खोल के किताब हाथ पर...!!!!

मेरे हर उदासीन सफर में मेरा साथ न देना,
ये कहां की हसरतें है ये कहां कि मोहब्बत है जाना..!!

उन लोगों को कोई कतरार नहीं होती मार्च से
जिनका मोहब्बत ही फरवरी में बिछड़ गयी होती है.

गिरफ्तार हूं मैं तेरी हसीन यादों में ...
बस ख्वाहिश है कोई बेल करा दे मेरी..

खुद पे बीता तो रोते तड़पते सिसकते हो,
हम ने जो किया वो क्या मोहब्बत नहीं थी

मुर्शिद उस दर्द में बैठ हुए शख़्स से ये कहना
है गुसा मुझसे से या अपना ही है

तू होगी मेरी जिंदगी से अहम् ज्यादा तो भी क्या,
मेरा किरदार कहता है मुड़कर भी न रोकू तुझे..।।

एक पल भी नसीब नहीं हुआ वो शख्स,
जो हमें जीवन भर के लिए चुना था...!

क्यों यादें सताती ये तेरी कुछ रहम करो मुझ पर.
अब तेर और मेरा कोई संबंध नहीं बचा है

तेरे करीब आता हर शख्स
मेरी रूह तक को चुभता है ..!!

फिर एक दिन खरीद लेंगे क़ब्र में हसरतों का लीबाज
मेरा यकीन मानो अपनी उम्र से ज्यादा दर्द में रहता हूं

अपने गले में मेरे नाम का धागा ना बांध_!!
ईश्वर के लिखे के पेसलो पर सक मत कर_!!

दिल में जली उठी वो आग है बता मोबाइल पर बया करू कैसे...
तु मेरे लिए कितनी बार रोई थे वो भुलाऊं कैसे

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